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गुरुभक्ति ध्यान | GuruBhakti Dhyan | Part - 2 | Old Audio Satsang | Sant Shri Asharamji Bapu

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  1000 अश्वमेध यज्ञ, 1000 बाजपेय यज्ञ यदि सफल हो जाए तो इंद्र पद मिलता है। योग के एक आने की बराबरी इंद्र पद नहीं कर सकता। इस पृथ्वी पर कई नास्तिक हुए, कई महापुरुष हुए, कई फकीर हुए। फकीरों के साथ-साथ कई ऐसे नास्तिक भी हुए। फकीरों के पास तो संशय की फाकी थी लेकिन नास्तिकों के पास तो साधना की ही फाकी है। न ध्यान के गांव में गए, ना कीर्तन के गांव में गए, ना सत्पुरुषों के चरणों में मिट पाए, पिघल पाए और जजमेंट देते गए कि कुछ नहीं है।  यदि फकीर को रहमत आ जाए तो वह नास्तिक को भी आस्तिक बनाने की कुंजियां रखते हैं। बाबाओं की वाणी सुनकर जितने पाप कटते हैं उतने पाप तो चांद्रायण व्रत रखने से भी नहीं कटते। गंगाजी में स्नान करने से जितना फल होता है उससे 4 गुना फल महात्माओं के दर्शन से हो जाता है। जिसने गुरु की कुंजी पा ली वह समझते हैं कि संसार सारा सपना है। संसार के दुख को भी देखते रहते हैं और सुख को भी देखते है। जो लोग तुम्हें जातीयता की गांठ पक्की करवाएं, जो लोग तुम्हें जीवत्व की गांठ पक्की कराये तो समझ लेना कि या तो वह ठगारे हैं या बेवकूफ है। जो तुम्हारे शरीर में अहंता डलवा...

Gurubhakti Dhyan Side A Saar

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  देह में अहंता ममता, जगत में सत्यता, वृत्तियों की सत्यता, सुख और दुख में सत्य बुद्धि, जीवन और मौत में सद्बुद्धि, पद प्रतिष्ठा में रस आना अज्ञान का मूल है। जगत की कोई भी परिस्थिति में बंधजाना अज्ञान की महिमा है। जन्म जन्मांतर के जो कर्म है उनका निवारण करने का यदि किसी में सामर्थ्य है तो वह गुरु की चरण रज में है। जन्म जन्मांतर की बेवकूफी को दूर करने की कुंजी अगर है तो फकीरों के द्वार पर है। सच्चे माता पिता फकीर ही होते हैं। हड्डी मांस के माता-पिता तो तुमने कई बार किए हैं। तुमने लाखों लाखों मां-बाप बदले होंगे, लेकिन जब कोई सद्गुरु मिलते है तो वह तुम्हें ही बदल देते है। मेरे गुरुदेव ने एक बार ऐसी डांट चढ़ाई कि देखने वाले भयभीत हो गए। सद्गुरु के आगे अगर दिल खोल कर बात नहीं करोगे तो भीतर ही भीतर बोजा बढ़ाओगे जाओगे कहां? बेवकूफी को छीनने वाले, ज्ञान और वैराग्य को भरने वाले, विवेक और शांति की छाया में रखने वाले, सदियों से भटकते हुए जीवात्मा संसार की सरिता में बहे जा रहे हैं उनको गुरु प्रेम का तिनका देकर, पूचकार का सहारा देकर, साधना का इशारा देकर उन्हें संसार सरिता से किनारे लगा देते हैं,...